Rolls royce kaha ki company hai

आज हम आपको बताने जा रहे है के Rolls royce kaha ki company hai और इस कंपनी की सुरुवात कब हुई इसके बारे मे पूरी जानकारी देंगे तो चलिए आज का ये आर्टिकल सुरू करते है

Rolls royce kaha ki company hai

रोल्स-रॉयस एक ब्रिटिश लक्जरी कार कंपनी है और बाद में चार्ल्स रोल्स और हेनरी रॉयस की साझेदारी से मैनचेस्टर, यूनाइटेड किंगडम (UK) में 1904 में स्थापित एक एयरो-इंजन निर्माण व्यवसाय था

आज हम आप को अपने इस आर्टिकल मैं दुनिया के महंगे कार कंपनी Royce Rolls के बारे में जानकारी देने वाले हैं और किस तरह हमारे भारत के महाराजा जय सिंह ने अपने अपमान का बदला Royce Rolls कंपनी से लिया था इसके बारे मैं भी जरुर पढ़े

फ्रेडरिक हेनरी रॉयस ( Frederick Henry Royce ) का जन्म 1963 को इंग्लैंड के Alwalton गांव में हुआ उनकी फैमिली आटे की एक छोटी में मिल (चक्की ) चलने का काम करते थे लेकिन यह काम अच्छे से नहीं चलने की वजह से इन्हें अपना गांव छोड़कर पूरी फैमिली को लंदन आना पड़ा उस समय Frederick Henry Royce की उम्र 9 साल की थी और इसी बीच उनकेे पिता की मृत्यु हो गई

पिता की मृत्यु होने के कारण Frederick Henry Royce को अपने घर का खर्च चलाने की लिए Frederick Henry Royce को अखबार बांटने के साथ साथ ओर भी बहुत सारे काम को करना पड़ा इसी तरह कई सालों तक काम करने के बाद Frederick Henry इंग्लैंड चले गए वहां पर नॉर्थन रेलवे में काम किया

फिर वहां से लंदन वापस आ गई और फिर एक लाइट एंड पावर कंपनी में सड़कों पर लाइट लगाने का काम करने लग गए कूछ पैसे इकट्ठे होने के बाद Frederick Henry ने 1884 में एक छोटी सी एफएच रॉयस कंपनी खोली जिस में वह बिजली के छोटे मोटे सामान बनाते थे

कूछी साल बाद एफएच रॉयस कंपनी में इलेक्ट्रिक जनरेटर और इलेक्ट्रिक क्रेन बनाने लग गए ओर आगे कूछी साल में ओर भी जनरेटर और इलेक्ट्रिक क्रेन बनाने वाली कंपनियों के आने के कारण कोमपीटीशन बढ़ने के कारण यह कामबंद करना पड़ा और कंपनी ने कार बनाने का फैसला किया और फिर 1904 में तीन कारें बनाईं

यह कार Charles Rolls के नाम के व्यक्ति को बहुत पसंद आई और उन्होंने 23 दिसम्बर 1904 को Frederick Henry Royce और Charles Rolls बिजनेस पार्टनरशिप हो गई और फिर इस तरहां Royce Rolls का नाम पड़ा इसी तरह दिसम्बर 1904 में Royce Rolls की पहली कार मार्केट Royce Rolls 10HP लॉन्च की गई

और यह कार लोगों को बहुत पसंद आई और Royce Rolls को अच्छा लाभ होने लगा और Royce Rolls कंपनी दिनों दिन बड़ी होती गई आगे चलकर Royce Rolls ने 1907 में 6 सरेंडर वाली कार को मार्केट में उतारा इस 6 सरेंडर वाली कार को लोगों द्वारा बहुत पसंद किया गया 1910 में Royce Rolls कंपनी के एक पार्टनर रोल्स की हवाई दुर्घटना में मृत्यु हो गई और अब इस Royce Rolls कंपनी को रॉयस को ही संभालना था

और आगे चलकर रोल्स रॉयस कंपनी ने कार बनाने के साथ हवाई जहाज के इंजन को भी बनाना शुरू कर दिया और रोल्स रॉयस कंपनी तेजी से आगे बढ़ती गई और इसी तरह आगे चलकर 1948 में रोल्स रॉयस कंपनी ने सभी कारों में डीजल इंजन लगाना शुरू कर दिया और 1951 मैं रोल्स रॉयस कंपनी ने पहली डीजल कार मार्केट में लॉन्च की आगे चलकर रोल्स रॉयस कंपनी को नुक्सान होना शुरू हो गया

और रोल्स रॉयस कंपनी घाटे में जानें लगीं और आगे चलकर 1998 में रोल्स रॉयस कंपनी को बेचने के बारे में विचार किया गया और रोल्स रॉयस कंपनी को खरीदने के लिए BMW और VOLKSWAGEN बोली लगाई बोली लगाते समय BMW ने बोली कम लगाई

जिस वजह से रोल्स रॉयस को VOLKSWAGEN ने खरीद लिया इसके बाद BMW ने VOLKSWAGEN कंपनी के लिए पार्ट बनाने से इन्कार कर दिया उस समय VOLKSWAGEN के पार्ट BMW बनाया करती थी जिस कारण VOLKSWAGEN ने रोल्स रॉयस कम्पनी को BMW को बेचना पड़ा तो यह थी रोल्स रॉयस कंपनी की हिस्ट्री

Rolls royce ka malik kaun hai

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Henry Royce – Founder of Rolls Royce

Date of Birth – 27 March 1863

Death – 22 April 1933 (aged 70)

Full Name – Frederick Henry Royce

Address – Alwalton, Huntingdonshire, England

रोल्स रॉयस कंपनी के मुख्य ओनर फ्रेडरिक हेनरी रॉयस ( Frederick Henry Royce ) हैं पार्टनरशिप होने के बाद इस कंपनी के ओनर चार्ल्स रोल्स ( Charles Rolls ) को भी माना गया

रोल्स रॉयस लोगो

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रोल्स रॉयस कंपनी की शुरुआत कब हुई?

Frederick Henry Royce 1904 में अपनी कंपनी में तीन कारों को को बनाया यह कार Charles Rolls के नाम के व्यक्ति को बहुत पसंद आई और उन्होंने 23 दिसम्बर 1904 को Frederick Henry Royce और Charles Rolls बिजनेस पार्टनरशिप हो गई और फिर इस तरहां यह कंपनी Royce Rolls के नाम से जानी गई दिसम्बर 1904 में Royce Rolls की पहली कार मार्केट में Royce Rolls 10HP लॉन्च की गई

रोल्स की मृत्यु कब हुई?

रोल्स की मौत 1910 में हवाई जहाज दुर्घटना में हुई थी उस समय उनकी उम्र 32 साल थी

Henry Royce की मौत कब हुई थी?

1933 में Henry Royce की मौत 1933 मैं हुई थी

रोल्स रॉयस ने हवाई जहाज के इंजन बनाने कब शुरू किये ?

रोल्स रॉयस ने हवाई जहाज के इंजन 1914 में बनाने शुरु किये

रोल्स रॉयस कंपनी ने डीजल इंजन कार की शुरुआत कब की थी?

रोल्स रॉयस कंपनी ने डीजल इंजन बनाने का विचार 1948 मैं किया और 1951 मैं रोल्स रॉयस कंपनी ने पहली डीजल कार मार्केट में लॉन्च की

रोल्स रॉयस कार प्राइस इन इंडिया?

रोल्स-रॉयस के भारत में चार कार मॉडल्स हैं, जिसमें SUV श्रेणी में 1 कार, सिडैन श्रेणी में 1 कार, कूपे श्रेणी में 1 कार, परिवर्तनीय श्रेणी में 1 कार शामिल हैं।.रोल्स-रॉयस की भारत में आने वाली नई कार घोस्ट है जिसकी कीमत 6 करोड़ 95 लाख है

रोल्स रॉयस फैंटम प्राइस इन इंडिया

Rolls royce kaha ki company hai
Rolls Royce Phantom

रोल्स रॉयस  VIII की क़ीमत ₹ 9.50 करोड़ है। रोल्स रॉयस फैंटम VIII के पेट्रोल वर्ज़न की क़ीमत ₹ 9.50 करोड़ है

रोल्स रॉयस रैथ ?

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Rolls Royce Wrath

रोल्स रॉयस रैथ कार की कीमत 6.22 करोड़ से 7.21 करोड़ तक हैं

Rolls royce story of indian king in hindi

अब हम आपको बताते हैं के किस तरह रोल्स रॉयस कंपनी से हमारे भारत के महाराजा जय सिंह प्रभाकर ने अपने अपमान का बदला लिया एक समय ऐसा भी था जब भारत के राजे अमीरी के मामले में अंग्रेजों से कई गुना आगे थे इसी तरह हम आपको बताने जा रहा है अलवर के राजा जय सिंह प्रभाकर के बारे में जिन्होंने रोल्स रॉयस कंपनी के नाम को मिट्टी में मिला दिया था


यह बात है 1920 की जब भारत के महाराजा जय सिंह प्रभाकर लंदन में घूमने के लिए गए थे एक दिन महाराजा जय सिंह अकेले घूमने निकले और घूमते घूमते रोल्स रॉयस के शोरूम के पास पहुंच गए शोरूम के अंदर लगी रोल्स रॉयस की चमचमाती गाड़ियों को देख महाराजा जय सिंह प्रभाकर ने रोल्स रॉयस की कार को खरीदने का विचार किया और

जब महाराजा जय सिंह प्रभाकर रोल्स रॉयस के शोरूम के अंदर जाकर रोल्स रॉयस के सेल्समैन से रोल्स रॉयस के कार की कीमत के बारे में पूछा तो रोल्स रॉयस के सेल्समैन ने महाराजा जय सिंह प्रभाकर को अच्छे से देखते हुए कहा के यह कार कोई मामूली कार नहीं है यह कार को खरीदने की तुम्हारी औकात नहीं है

ओर महाराजा जय सिंह प्रभाकर को बाहर का रास्ता दिखा दिया उस समय महाराजा जय सिंह प्रभाकर जी साधारण से कपड़े पहने हुए थे रोल्स रॉयस कार के सेल्समैन को इस बात बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह इन्सान कोई मामूली इंसान नहीं बल्कि भारत के राजा जय सिंह है महाराजा जय सिंह प्रभाकर ने रोल्स रॉयस के सेल्समैन से किसी तरह की कोई बात ना करते हुए वहां से अपने होटल की ओर चल पड़े होटल पहुंचे

पर रोल्स रॉयस के सेल्समैन को संदेश भेजने के लिए कहा गया के कल महाराजा जय सिंह प्रभाकर रोल्स रॉयस कार खरीदने आपके शोरूम पहुंच रहे हैं यह बात सून सेल्समैन को बहुत ख़ुशी हुई ओर शोरूम को महाराज के आने के लिए तैयार किया गया अगली सुबह जब महाराज जय सिंह प्रभाकर जी रोल्स रॉयस के शोरूम पहुंचे पहुंचने पर महाराज जय सिंह का फूलों से स्वागत किया गया

महाराजा जय सिंह प्रभाकर रोल्स रॉयस के शोरूम में पहूचने पर सात महंगी रोल्स रॉयस कारों को नगद खरीदा यह देख शोरूम के सभी कर्मचारी हैरान रह गई महाराज जय सिंह प्रभाकर ने रोल्स रॉयस कारों को भारत आपने महिल पर भेजने को कहा अब समय आ गया था

रोल्स रॉयस कम्पनी से बदला लेना का जब सातों रोल्स रॉयस को भारत महाराज जय सिंह प्रभाकर के महिल में पहूंचाया गया तो महाराज ने सातों रोल्स रॉयस कारों को नगर पालिका के हवाले करते हुए कहा कि आज से कचरा फेंकने के लिए रोल्स रॉयस कारों का इस्तेमाल किया जाएगा

यह बात आग की तरह पूरे दुनिया में फैल गई हर कोई हैरान था के रोल्स रॉयस जैसी महंगी कार से भारत में कचरा फेंका जाता है हर कोई रोल्स रॉयस कम्पनी का मजाक उड़ा रहा था जिस कार को अमीर लोग अपनी अमीरी दीखाने के लिए खरीदते थे अब वह अमीर लोग अब यह सोचकर रोल्स रॉयस कम्पनी की कार ना खरीदते के इस कार से तो भारत में कचरा फेंका जाता है

इसे भला हम क्यों खरीदे इस तरहां रोल्स रॉयस कम्पनी को बहुत नुक्सान होने लगा अब रोल्स रॉयस कंपनी के मालिक महाराजा जय सिंह प्रभाकर को मिलने भारत पहुंचे और रोल्स रॉयस कम्पनी की इतनी बूरी तरीके से बेजती करने का कारण पूछा तो महाराजा जय सिंह प्रभाकर ने कारण बताते हुए कहा कपड़ों से किसी की औकात नहीं जानी जा सकती है

आप के सेल्समैन ने हमें एक मामूली इंसान समझा इस बात से रोल्स रॉयस कम्पनी के मालिक ने महाराजा जय सिंह प्रभाकर से माफी मांगी और कहा कि आप हमारी रोल्स रॉयस कारों से कचरा फेंकना बंद कर दो नहीं तो हम बर्बाद हो जाएंगे और इस के बदले हम आपको 4 ओर रोल्स रॉयस कार तोहफे में देंगे

ओर फिर महाराजा जय सिंह प्रभाकर ने रोल्स रॉयस कम्पनी पर रहम करते हुए कारों से कचरा उठवाना बन्द करवाया दिया और इस तरह महाराजा जय सिंह प्रभाकर ने अपने अपमान का बदला रोल्स रॉयस कम्पनी से लिया

सुरुवात 1884 की हिस्ट्री

1884 में हेनरी रॉयस द्वारा स्थापित इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल व्यवसाय से रोल्स-रॉयस का विकास हुआ। रॉयस ने 1904 में अपनी पहली मोटर कार बनाई और उसी वर्ष मई में चार्ल्स रोल्स से मिले, जिनकी कंपनी ने लंदन में गुणवत्ता वाली कारें बेचीं

एक समझौता किया गया था कि रॉयस लिमिटेड सीएस रोल्स एंड कंपनी द्वारा विशेष रूप से बेची जाने वाली कारों की एक श्रृंखला का निर्माण करेगी – उनका नाम रोल्स-रॉयस था

1906

कारों के साथ सफलता ने मार्च 1906 में रोल्स-रॉयस कंपनी का गठन किया और सिक्स-सिलेंडर सिल्वर घोस्ट को लॉन्च किया, जिसे एक साल के भीतर ‘दुनिया की सबसे अच्छी कार’ के रूप में प्रतिष्ठित किया गया

1914

प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत में, देश की जरूरतों के जवाब में, रॉयस ने अपना पहला एयरो इंजन – ईगल डिजाइन किया, जो सहयोगी दलों द्वारा हवाई युद्ध में उपयोग की जाने वाली कुल अश्वशक्ति का आधा हिस्सा प्रदान करता है

ईगल ने पहली सीधी ट्रान्साटलांटिक उड़ान के साथ-साथ इंग्लैंड से ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली उड़ान – दोनों विकर्स विमी विमान में संचालित की

1931

1920 के दशक के अंत में हमने अंतरराष्ट्रीय श्नाइडर ट्रॉफी सीप्लेन प्रतियोगिता में ब्रिटेन के प्रवेश को शक्ति प्रदान करने के लिए ‘R’ इंजन विकसित किया इसने 1931 में 400mph से अधिक का एक नया विश्व वायु गति रिकॉर्ड स्थापित किया

इसके बाद इसने भूमि और जल दोनों पर नए विश्व रिकॉर्ड स्थापित किए। इससे भी महत्वपूर्ण बात, जैसा कि बाद की घटनाओं को साबित करना था, इसने हमें मर्लिन को विकसित करने के लिए तकनीकी आधार दिया, जिस पर रॉयस ने 1933 में अपनी मृत्यु से पहले काम करना शुरू कर दिया था

1940

मर्लिन ने ब्रिटेन की लड़ाई में हॉकर तूफान और सुपरमरीन स्पिटफायर को संचालित किया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मर्लिन की मांग ने हमें एक अपेक्षाकृत छोटी कंपनी से हवाई प्रणोदन में एक प्रमुख दावेदार में बदल दिया

1944

समानांतर में, हमने सर फ्रैंक व्हिटल द्वारा अग्रणी एयरो गैस टरबाइन का विकास शुरू किया

वेलैंड इंजन ने 1944 में ग्लोस्टर उल्का लड़ाकू में सेवा में प्रवेश किया और युद्ध के तुरंत बाद हमें गैस टरबाइन के लिए खुद को प्रतिबद्ध करने का विश्वास था, जिसमें यह एक तकनीकी नेतृत्व था

1953

हमने विकर्स विस्काउंट में डार्ट के साथ नागरिक उड्डयन बाजार में प्रवेश किया। यह एयरलाइन उद्योग द्वारा गैस टर्बाइनों की सार्वभौमिक स्वीकृति की आधारशिला बनना था

एवन-संचालित धूमकेतु ट्रान्साटलांटिक सेवा में प्रवेश करने वाला पहला टर्बोजेट बन गया और 1960 में बोइंग 707 में कॉनवे इंजन एयरलाइन सेवा में प्रवेश करने वाला पहला टर्बोफैन बन गया

1959

युद्धों के बीच ब्रिटेन में अन्य प्रमुख निर्माता आर्मस्ट्रांग सिडली, ब्लैकबर्न, ब्रिस्टल, डी हैविलैंड और नेपियर थे

इनमें से नेता ब्रिस्टल था, जिसका 1959 में मोटर कार और एयरो-इंजन निर्माता आर्मस्ट्रांग सिडली के साथ विलय हो गया था। तीन अन्य छोटी इंजन कंपनियों को 1961 में ब्रिस्टल सिडली और रोल्स-रॉयस में समाहित कर लिया गया था

अंत में, ब्रिटिश एयरो-इंजन उद्योग की क्षमता को समेकित किया गया जब हम 1966 में ब्रिस्टल सिडली के साथ विलय कर गए

1960

1960 के दशक के अंत में वाइडबॉडी एयरलाइनर के उद्भव के साथ, हमने लॉकहीड L-1011 ट्राई-स्टार के लिए RB211 लॉन्च किया

1971

RB211 के साथ शुरुआती समस्याओं के कारण कंपनी को राज्य के स्वामित्व में ले लिया गया, और 1973 में एक अलग इकाई के रूप में मोटर कार व्यवसाय की शुरुआत हुई

RB211 की तीन-शाफ्ट टर्बोफैन अवधारणा ने अब खुद को हमारे विश्व स्तरीय इंजन परिवार के केंद्र में स्थापित कर लिया है

1987

हम ब्रिटेन में एकमात्र कंपनी बनाने के लिए कई विलय और अधिग्रहण के दौर से गुजर रहे निजी क्षेत्र में लौट आए, जो हवा में, समुद्र में और जमीन पर उपयोग के लिए बिजली देने में सक्षम है

1990

1990 में, हमने जर्मनी के बीएमडब्ल्यू के साथ एक एयरो इंजन का संयुक्त उद्यम बनाया

हमने जनवरी 2000 से संयुक्त उद्यम का पूर्ण नियंत्रण ले लिया। कंपनी का कानूनी नाम अब रोल्स-रॉयस Deutschland Ltd & Co KG है

1995

इंडियानापोलिस में एलीसन इंजन कंपनी का अधिग्रहण किया गया था

एलीसन अपने साथ एम्ब्रेयर के नए क्षेत्रीय जेट और मौजूदा, सफल रक्षा कार्यक्रमों के लिए एई3007 सहित प्रमुख नए सिविल इंजन लेकर आया

1998

रोल्स-रॉयस मोटर कारों को विकर्स द्वारा वोक्सवैगन को बेचा गया था, हालांकि बीएमडब्ल्यू के पास रोल्स-रॉयस कारों पर उपयोग के लिए नाम और मार्क के अधिकार हैं, 1998 में £ 40m के लिए रोल्स-रॉयस पीएलसी से अधिकार हासिल कर लिया था

BMW ने 2003 की शुरुआत से रोल्स-रॉयस कारों की जिम्मेदारी संभाली

1999

कूपर एनर्जी सर्विसेज के घूर्णन संपीड़न उपकरण हितों के अधिग्रहण के साथ, हमने अपने तेल और गैस संयुक्त उद्यम, कूपर रोल्स का पूर्ण नियंत्रण ले लिया

हमने कैलिफ़ोर्निया में नेशनल एयरमोटिव का भी अधिग्रहण किया, जो एक प्रमुख मरम्मत और ओवरहाल सुविधा है जो अब रोल्स-रॉयस इंजन सेवाओं का हिस्सा है

1990 का दशक विकर्स पीएलसी के £576m अधिग्रहण के साथ समाप्त हुआ, जिसने मुख्य रूप से उल्स्टीन और कमेवा उत्पादों और क्षमताओं के साथ हमारी मौजूदा गैस टरबाइन गतिविधियों में शामिल होने के साथ, हमें समुद्री बिजली प्रणालियों में वैश्विक नेता में बदल दिया

2004

हमने पूरे 2004 में ग्राहकों, शिक्षा और उद्योग के भागीदारों के साथ-साथ यूके, जर्मनी, स्कैंडिनेविया उत्तरी अमेरिका और सुदूर पूर्व में कर्मचारियों, परिवारों और दोस्तों के लिए विशेष आयोजनों की एक श्रृंखला के साथ अपनी शताब्दी मनाई

2005

हमने शंघाई में अपनी 6,000 वर्ग मीटर की समुद्री सुविधा खोली है

शंघाई में नानहुई औद्योगिक क्षेत्र में स्थित, यह सुविधा विशेष मशीनरी और 200-मजबूत कार्यबल से सुसज्जित है, जिसमें सेवा इंजीनियरों की बढ़ती टीम भी शामिल है

V-22 ऑस्प्रे के रूप में जाना जाने वाला क्रांतिकारी टिल्ट्रोटर विमान अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के साथ अपने पहले परिचालन उपयोग में चला गया, जिसने सेना की तैनाती को बदल दिया

2006

रॉल्स-रॉयस ट्रेंट 1000 एकमात्र इंजन है जिसे विशेष रूप से बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के लिए अनुकूलित किया गया है। यह पहली बार 2006 में चला था

2007

19th MT30 2007

MT30 समुद्री गैस टरबाइन को अमेरिकी नौसेना के पहले दो DDG-1000 बहु-मिशन विध्वंसक को शक्ति प्रदान करने के लिए चुना गया था

अक्टूबर में ट्रेंट 900 सिंगापुर एयरलाइंस के साथ एयरबस ए380 को सेवा में लाने वाला पहला इंजन था A380 दुनिया का सबसे बड़ा विमान है और इसमें प्रति विमान चार इंजन हैं

2009

2009 में संयुक्त राज्य अमेरिका में क्रॉसपॉइंट में एक निर्माण और असेंबली सुविधा पर काम शुरू हुआ

सिंगापुर के सेलेटर में एक बड़े इंजन वाले असेंबली प्लांट और एक नई वाइड-कॉर्ड फैन ब्लेड फैक्ट्री बनाने के निर्णय की घोषणा की गई, इनमें से पहला यूके के बाहर बनाया जाएगा

हमने अपने ग्राहकों के छह विमानों की पहली उड़ान का जश्न मनाया: बोइंग 787; गल्फस्ट्रीम G650; एयरबस A400M; एम्ब्रेयर लिगेसी 650, बीएई सिस्टम्स मेंटिस यूएवी और अगस्ता वेस्टलैंड लिंक्स वाइल्डकैट हेलीकॉप्टर

रोल्स-रॉयस समुद्री शक्ति ने अमेरिकी नौसेना के समुद्री लड़ाकू जहाज को सक्रिय ड्यूटी पर जाते देखा, रॉयल नेवी की एस्टुट श्रेणी की पनडुब्बी की पहली नौकायन और रॉयल नेवी के पहले टाइप 45 डिस्ट्रॉयर, एचएमएस डेयरिंग को चालू किया

2010

Airbus A350, Trent XWB का इंजन जून में पहली बार चला

इस बिंदु पर ट्रेंट एक्सडब्लूबी को ट्रेंट परिवार का सबसे सफल सदस्य बनाने का वादा करने वाले 1,150 ट्रेंट एक्सडब्ल्यूबी इंजन पहले से ही ऑर्डर पर थे

हमारे नौसैनिक व्यवसाय ने अमेरिकी नौसेना से एमटी30 समुद्री गैस टर्बाइन इंजनों के साथ 10 समुद्रतटीय लड़ाकू जहाजों को शक्ति प्रदान करने का एक सफल आदेश प्राप्त किया। यह अब तक समूह द्वारा हस्ताक्षरित सबसे बड़े नौसैनिक सतह पोत अनुबंध का प्रतिनिधित्व करता है UK में, रॉयल नेवी के लिए छह टाइप 45 डिस्ट्रॉयर लॉन्च किए गए हैं, जो हमारे अत्यधिक कुशल WR-21 गैस टर्बाइन पावर सिस्टम से लैस हैं

2010 की शुरुआत में, F-35 ज्वाइंट स्ट्राइक फाइटर के शॉर्ट टेक-ऑफ और वर्टिकल लैंडिंग (STOVL) संस्करण ने पहली बार हमारे अद्वितीय लिफ्टसिस्टम® को तैनात किया

2011

Trent 1000 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर को शक्ति प्रदान करने वाला पहला इंजन है, जो 26 अक्टूबर 2011 को ऑल निप्पॉन एयरवेज (ANA) के साथ सेवा में आया था।

1,000 उत्पादन Trent 700 इंजन नवंबर में कैथे पैसिफिक को दिया जाता है

मई 2011 में, यूके सरकार ने हमें अगली पीढ़ी के परमाणु-संचालित पनडुब्बियों के लिए एक नई प्रणोदन प्रणाली विकसित करने का ठेका दिया

2012

F-35B Lightning II ज्वाइंट स्ट्राइक फाइटर के शॉर्ट टेक-ऑफ और वर्टिकल लैंडिंग (STOVL) संस्करण ने यूएस मरीन कॉर्प्स के साथ सेवा में प्रवेश किया और यूके MoD को डिलीवरी की गई

अपरेंटिस अकादमी 2 नवंबर 2012 को रोल्स-रॉयस, डर्बी में खोली गई, जो भविष्य के उच्च श्रेणी के इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने में मदद करने के लिए नवीनतम मशीनों, टूलिंग और सॉफ्टवेयर वाली कार्यशालाओं से सुसज्जित है

2013

Trent XWB इंजन पहली बार फ्रांस के टूलूज़ में एयरबस ए 380 परीक्षण विमान पर आसमान में ले जाता है। विमान ने अपने चार ट्रेंट 900 इंजनों में से एक के साथ उड़ान भरी, जिसे Trent XWB द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था

टोगनम, जो एमटीयू को हाई-स्पीड रिसीप्रोकेटिंग इंजन बनाता है, रोल्स-रॉयस पावर सिस्टम्स नाम के तहत रोल्स-रॉयस का हिस्सा बन जाता है

2014

जुलाई 2014 – ट्रेंट 1000 . द्वारा संचालित एयर न्यूजीलैंड के साथ पहली बोइंग 787-9 ने सेवा में प्रवेश किया

2015

जनवरी 2015 – पहली Airbus A350-900, ट्रेंट XWB-84 द्वारा संचालित दोहा से फ्रैंकफर्ट (कतर) के लिए राजस्व उड़ान

2016

मार्च 2016 – ट्रेंट 1000 टीईएन ने फ्लाइंग टेस्ट बेड (FTB) पर अपना पहला उड़ान परीक्षण पूरा किया

2017

नवंबर 2017 – ट्रेंट 1000 टीईएन ने एयर न्यूजीलैंड, स्कूट और नॉर्वेजियन के साथ सेवा में प्रवेश किया

2018

फरवरी 2018- ट्रेंट XWB-97 द्वारा संचालित अपनी पहली Airbus A350-1000 राजस्व उड़ान (कतर) भरी थी

दिसंबर 2018 – पहला ट्रेंट 7000 संचालित, A330neo TAP (टैप एयर पुर्तगाल) के साथ सेवा में प्रवेश करता है

2019

ट्रेंट XWB-84, सिंगापुर एयरलाइंस के साथ, A350-900 ULR पर, 1 वर्ष के लिए दुनिया की सबसे लंबी अनुसूचित उड़ान को शक्ति प्रदान कर रहा है (Changi to Newark) – 18 घंटे, 25 मिनट थी

2020

जनवरी 2020 – Trent के 25 साल, जनवरी 1995 में कैथे पैसिफिक के साथ पहली ट्रेंट 700 सेवा में प्रवेश के साथ, Airbus A330ceo को शक्ति प्रदान करते हुए

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